धारा 144 (Section One Forty-Four) भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (Criminal Procedure Code – CrPC) की एक महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था है। इसका उपयोग किसी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखने के लिए किया जाता है। जब किसी स्थान पर हिंसा (Violence), दंगा (Riot), या अशांति (Disturbance) फैलने की आशंका होती है, तब जिला प्रशासन धारा 144 लागू करता है।
इस धारा के तहत जिलाधिकारी (District Magistrate), उप-जिलाधिकारी (Sub-Divisional Magistrate) या अन्य सक्षम अधिकारी लोगों के इकट्ठा होने (Gathering) पर रोक लगा सकते हैं। आमतौर पर चार या उससे अधिक लोगों का एक साथ जमा होना प्रतिबंधित कर दिया जाता है। इसके अलावा हथियार (Weapons) रखने, जुलूस (Procession) निकालने और सभा (Meeting) करने पर भी रोक लग सकती है।
धारा 144 का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा (Safety) सुनिश्चित करना और अपराध (Crime) को रोकना होता है। यह धारा अस्थायी होती है और सामान्यतः 60 दिन (Sixty Days) तक लागू रहती है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में सरकार इसे बढ़ा भी सकती है।
यदि कोई व्यक्ति धारा 144 का उल्लंघन (Violation) करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की जा सकती है, जैसे जुर्माना या गिरफ्तारी। कुल मिलाकर, धारा 144 एक निवारक (Preventive) कानून है, जिसका मुख्य उद्देश्य शांति बनाए रखना और जनता को संभावित खतरे से बचाना है।